आंवले में सारे रोगों को दूर करने की शक्ति है। आंवले के पोषक तत्वों के बारे में बात करें तो विटामिन सी और ए का बहुत अच्छा सोर्स होता है। इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर मौजूद होता है।
आंवले में कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस, फाइबर और कार्बोहाइड्रेट भी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। अच्छी सेहत पाने के लिए इसके स्वास्थ्य लाभ के बारे में जानना अतिआवश्यक है। आओ जानते हैं:—
आंवला युवकों को यौवन प्रदान करता है और बूढ़ों को युवा जैसी शक्ति। शरीर में आरोग्य शक्ति बढ़ाता है।
जो लोग चाहते हैं कि बुढ़ापा देर से आए और जवानी हमेशा बनी रहे, उन्हें एक चम्मच आंवला पाउडर का रोजाना सेवन करना चाहिए।
आधा कप हरे आंवले के रस में शहद मिलाकर सुबह के समय पीने से शरीर में नई शक्ति एवं यौवन की बहार आती है और स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है।
गर्मियों में चक्कर आते हों, जी घबराता हो, तो आंवले का शर्बत पीएं। दिल धड़कता है, तो आंवले का मुरब्बा खाएं।
आंवले को कद्दूकस करके एक कांच के बर्तन में शहद के साथ मिलाकर एक सप्ताह तक धूप में रखें। प्रतिदिन दो चम्मच रोजाना सेवन करने से स्मरण शक्ति बढ़ती है।
आंवला त्वचा और बाल दोनों के लिए ही बहुत फायदेमंद होता है। हर रोज एक आंवला खाने से बालों से संबंधित समस्याओं से निजात पाई जा सकती है।
डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति अगर आंवले के रस का प्रतिदिन शहद के साथ सेवन करें तो डायबिटीज से राहत मिलती है।
आंवले के पाउडर को पानी और जरूरत के अनुसार चीनी मिलाकर पीने से एसिडिटी से राहत मिलती है।
दांतों और मसूड़ों को आंवला कठोर बनाता है।
आंवले का जूस सुबह खाली पेट पीने से पेट की अनेक समस्याओं से निजात मिलती है और पाचन शक्ति बढ़ती है।
आंवले के मुरब्बे पर चांदी का वर्क लगाकर सुबह खाली पेट कुछ दिन खाने से दिल की कमजोरी दूर होती है।
स्थायी रूप से मासिक धर्म की ऐंठन से छुटकारा पाने के लिए महिलाओं को कम से कम तीन महीने के लिए आंवले के मुरब्बे का सेवन करना चाहिए।
आंवले के मुरब्बे में एंटी-एस्ट्रिंजेंट गुण होने के कारण त्वचा को ठंडक देता है और झुर्रियों का इलाज करता है। विटामिन ए कोलेजन पैदा करता है जो कि त्वचा को लोचदार और युवा बनाता है।
आंवला चेहरे से काले धब्बे और मुँहासों के निशानों को भी हटाता है। काले धब्बों को कम करने के लिए कम से कम 4-5 महीने तक आंवला के मुरब्बे का उपयोग करें।
आंवला पाउडर का एक चम्मच सुबह-शाम छाछ या गाय के दूध से लेने से खूनी बवासीर में लाभ होता है।
श्वेत-प्रदर के लिए 3 ग्राम आंवला पाउडर में 6 ग्राम शहद मिलाकर 30 दिन सेवन करने से यह समस्या ठीक हो जाती है।
आंवले के पाउडर को प्रतिदिन मूली के रस में मिलाकर पीने से कुछ ही दिनों में पथरी गलकर बाहर निकल जाती है।
आंवले में एंटी-कैंसर गुण भी होता है, जो कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकता है। इसलिए आंवले को कैंसर से बचाव के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
पेशाब की जलन होने पर आधा कप हरे आंवले के रस में पानी मिलाकर सुबह-शाम सेवन करें। इससे पेशाब में धातु जाना भी बंद हो जाता है। यह शक्तिप्रद टानिक भी है।
आंवले का जूस पेप्टिक अल्सर में बहुत कारगर साबित होता है। सुबह के समय इसके सेवन से लाभ मिलता है।
आंवला का सेवन शरीर में मौजूद गंदगी को साफ करता है और शरीर की बड़ी हुई चर्बी को भी कम करता है।
आंवले में भरपूर मात्रा में फाइबर मौजूद होता हैं। इसके सेवन से कब्ज की समस्या नहीं होती और पाचन क्रिया में भी ये काफी फायदेमंद होता है।
आंवला उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में कारगर होता है। यह दिमाग और शरीर दोनों के लिए बहुत लाभकारी है।
आधा भोजन करने के बाद आंवले का रस 35 ग्राम पानी मिलाकर पी लें और फिर आधा भोजन करें। 21 दिन सेवन करने के बाद हृदय तथा मस्तिष्क सम्बन्धी दुर्बलता दूर होकर स्वास्थ्य में सुधार आता है।
आंवला पाउडर एक चम्मच रोजाना पानी के साथ सेवन करने के बाद में गाय का दूध पीने से हृदय के सभी रोग दूर हो जाते हैं।
आंवले में विटामिन सी होने के कारण यह आंखों से संबंधित अनेक बीमारियों से छुटकारा दिलाता है। इसके रोजाना सेवन से आंखों की रोशनी हमेशा बनी रहती है।
गर्भवती महिलाओं को आंवला के मुरब्बे का रोजाना सेवन करना चाहिए है ताकि उसके शरीर में होने वाले हार्मोनल परिवर्तन के कारण बाल गिरने की समस्या को रोका जा सके। साथ ही पेट में पल रहे बच्चे के लिए भी बहुत ही लाभकारी माना गया है।
आंवले को किसी भी रूप में खाया जा सकता है। जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है, वह आंवले के मुरब्बे का ज्यादा सेवन न करें, हो सके तो आंवले का पाउडर या हरे आंवले के रस का सेवन करें।

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